1:रोचक और प्रेरणादायक कहानी, कविता, लेख व संस्मरण आदि विधाओं पर आधारित रचनात्मक लेखन,
2:बाल साहित्य लेखन,
3: राणा समाज की परम्परा व संस्कृति पर आधारित लेखन ,
होली मिलन समारोह वर्ष 2024 आज दिनांक 24 मार्च 2024 को राणा थारू युवा जागृति समिति संबद्ध राणा थारू युवा मंच द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन मंच कार्यालय पार्वती मंडप कंजाबाग के परिसर में किया गया। कार्यक्रम आरंभ होली कार्यक्रम पूर्व सुनिश्चित रूपरेखा अनुसार नियत समय पर आरंभ हुआ। जिसमे कार्यक्रम का संचालन श्री.. नवीन सिंह राणा एवम दुष्यंत सिंह...... द्वारा निम्न पंक्तियों से श्री गणेश किया गया ये फागुन की बहारे हैं दिलों को खोल देगें हम। ये रंगो का मौसम है, राज सबका खोल देगें हम। बहुत आसान है पहाड़ों से खड़ा होना। तुम बादल बनकर बरसे तो, अबीर गुलाल घोल देगें हम। और इन पंक्तियों के बाद सभी उपस्थित अतिथियों को अबीर गुलाल रंग लगाया ...
होली में छिपी है हमारी परंपरा सामान्य परिचय होली जिसे राणा थारू समाज में होरी या हुडका माता कहकर संबोधित किया जाता है ,इस होरी त्यौहार का राणा थारू समाज में एक अलग ही महत्व है । वैसे तो यह त्यौहार सम्पूर्ण भारत में सभी धर्मो के लोग अपने अपने तरीके से मनाते हैं लेकिन जिस तरह से हमारे राणा थारू समाज के लोग पहले से मनाते आये हैं वाकई में एक अलग परंपरा को प्रदर्शित करता है। होली की पारंपरिक वेशभूषा पारंपरिक वेशभूषा में राणा थारू समाज की होली खेलती हुई महिलाएं होली के सम्बंध में मान्यताएं होली का त्यौहार हमारे राणा थारू समाज में दो तरह से मनाया जाता है, पहला होलिका दहन से पहले, जिसे सभी लोग जिंदा होली के नाम से जानते है। और दूसरा प्रकार होलिका दहन के बाद जिसे मरी होली के नाम से जाना जाता है। राणा थारू समाज के कुल सभी गांवों में से कुछ गांवों में जिंदा होली और कुछ गांवों में मरी होली बहुत ही पुराने समय से मनाते हुए आ रहे हैं। जिसको मनाने की अलग अलग मान्यताएं हैं, होली मनाने का तरीका या ढंग होरी का त्यौहार मन...
माघी महोत्सव 2026 —थारू अस्मिता , जागरूकता और सामुदायिक सशक्तिकरण का महापर्व गांव बर्दिया बहराइच 🖊️नवीन सिंह राणा खटीमा ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड थारू समाज जो कुमायूं के तराई से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल तक एक विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है, जो आज अपनी अस्मिता, अधिकारों, सांस्कृतिक आदि की सामूहिक सुरक्षा हेतु एक मंच पर संगठित हो रहा है जो अब इनकी जागरूकता का परिचायक है, और समय की आवश्यकता है। इसी लक्ष्य की पूर्ति हेतु दिनांक 9,10, 11जनवरी 2026 को गांव बर्दिया के बर्दिया खेल कूद मैदान,बहराइच की पावन भूमि पर माघी महोत्सव का आयोजन गांव की थारू जन जागरूकता समिति द्वाराक्षेत्र महिपुरवा में किया गया ,जिसमें सम्पूर्ण भारत वर्ष में रहने वाले थारू समाज के समस्त संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य थारू समाज में जागरूकता, वर्तमान परिदृश्य में मुख्य चुनौतियां और उनका समाधान, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, शिक्षा और रोजगार हेतु प्रयास, उच्च प्रशासनिक पदों में युवाओं का चयन कैसे, फर्जी जनजाति से बचाव...
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