संदेशराणा थारू युवा जागृति समिति, खटीमा की ओर से समर्पितमेधावी छात्र-छात्राओं के लिए



संदेश
राणा थारू युवा जागृति समिति, खटीमा की ओर से समर्पित
मेधावी छात्र-छात्राओं  के लिए
🖋️ नवीन सिंह राणा 


प्रिय प्रतिभावान छात्र-छात्राओं,

आप सभी को इस  "मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह" में सम्मानित होते देखना हमारे लिए गर्व, प्रेरणा और आशा का क्षण है। यह सम्मान केवल आपकी परीक्षा में प्राप्त अंकों का नहीं, बल्कि आपके कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय का है, जिसने आपको इस मुकाम तक पहुँचाया।

राणा थारू युवा जागृति समिति, खटीमा की ओर से हम आप सभी को हृदय की गहराइयों से बधाई देते हैं और आपके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हैं।

आज का यह दिन केवल सम्मान का दिन नहीं है, यह हमारे समाज की आशाओं और सपनों का दिन है। आप सब हमारे समाज के वे दीपक हैं जो अंधेरों को चीरकर रास्ता दिखाएंगे। आपमें से हर एक उस परिवर्तन का प्रतिनिधि है जिसकी कल्पना हमने वर्षों से की है।

हम आपसे कुछ विनम्र बिंदुओं में भावनात्मक आग्रह करना चाहते हैं:

🌿 1. अपने समाज को मत भूलिए...

जिस मिट्टी ने आपको सींचा, जो खेत-खलिहानों से निकलकर आपने शिक्षा की राह पकड़ी — वह समाज आपसे सिर्फ यही चाहता है कि जब आप जीवन की ऊँचाइयों तक पहुँचें, तो एक बार पलट कर जरूर देखिए।

🌿 2. एक दिन जरूर बोलिए — "मैं वापस आऊँगा/आऊँगी"...

जब आप किसी बड़ी संस्था में पढ़ाई कर रहे होंगे, किसी ऊँचे पद पर होंगे, किसी बड़े शहर में रह रहे होंगे — तब एक बार अपने गाँव, अपने स्कूल, अपने समाज और अपनी समिति के बच्चों के लिए वक्त निकालिए।

🌿 3. जिनके पास संसाधन नहीं हैं — उनके लिए पुल बनिए...

आपका अनुभव, मार्गदर्शन और सहयोग आने वाली पीढ़ी को नई दिशा दे सकता है। अगर आप सिर्फ एक बच्चे की मदद कर सके, तो भी वह समाज के लिए सौंपा गया अमूल्य योगदान होगा।

🌿 4. सफलता का अर्थ केवल पद या पैसा नहीं...

वह सफलता सार्थक मानी जाएगी, जब आप दूसरों को उठाने का संकल्प करेंगे। आपकी सफलता, आपके संस्कारों और समाज के प्रति जिम्मेदारी से महान बनेगी।

🌿 5. समिति का दरवाज़ा सदा आपके लिए खुला रहेगा...

जब आप चाहें, जिस रूप में चाहें — इस मंच से जुड़ सकते हैं। एक प्रेरक वक्ता बनकर, एक मेंटर बनकर, एक दाता बनकर या एक विचारशील समाजसेवी बनकर।

प्रिय बच्चों,
हम आपको सिर्फ आज नहीं, हमेशा याद रखेंगे —
और उस दिन का बेसब्री से इंतजार करेंगे जब आप स्वयं कहेंगे:

> "मैं इस समाज का बेटा/बेटी हूँ, और अब मैं कुछ लौटाना चाहता/चाहती हूँ।"



आपके सहयोग, स्नेह और नेतृत्व से समाज की नई पीढ़ियाँ रोशनी पाएंगी।
हम आपको शुभकामनाओं और प्रेम के साथ इस पंक्ति के साथ विदा करते हैं:

"चलो आज उड़ान भरें, ताकि कल किसी की उड़ान बन सकें..."

आपका स्नेहिल परिवार
राणा थारू युवा जागृति समिति,

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